Saturday, August 9, 2014

लगता है उसके पास
बस दो कमीज़ें हैं
नीली और उजली
उन्ही को वो बदल-बदल
दिन में पहनता है
और रात को ठण्ड में
एक काली चादर ओढ़ लेता है

कभी-कभी जब
उसकी कमीज़ पे
काले-काले धब्बे पड़ जाते हैं
तो जाने कहाँ से
बौछारें आ जाती हैं ऊपर से
और धब्बों को मिटा जाती हैं

कुल मिला जुला कर
इन्ही कपड़ों में
मैनेज कर लेता है बेचारा
सचमुच कितना मुफ़लिस है
आसमां ....

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